10 करोड़ रुपयों से बच्चों का हाईटेक अस्पताल बनावाएंगे सांसद वरुण गांधी

लखनऊ. गोरखपुर के बीआरडी कॉलेज में बच्चों की असमय मौत के बाद जहां ‘माननीय’ एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप में जुटे हैं, वहीं सुलतानपुर से भाजपा सांसद वरुण गांधी ने राजनेताओं के सामने एक मिसाल पेश की है। गोरखपुर जैसी घटना उनके संसदीय क्षेत्र में न हो इसके लिए वरुण गांधी 10 करोड़ रुपए देने की घोषणा की है, ताकि सुलतानपुर के जिला अस्पताल में एक अत्याधुनिक बाल चिकित्सा केंद्र खोला जा जा सके। वरुण गांधी इन 10 करोड़ में से 5 करोड़ रुपए सांसद निधि से देंगे और शेष पैसे सीएआर के जरिए जुटाएंगे।

भाजपा सांसद ने कहा कि उन्होंने सुल्तानपुर जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा आधिकारी और जिलाधिकारी से बातचीत कर और स्थिति का जायजा लेने के बाद सांसद निधि से 5 करोड़ रुपए देने का एलान किया है। भाजपा सांसद ने कहा कि सांसद निधि के 5 करोड़ रुपयों के अलावा भी वह अगले 6 माह तक चंदे और कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएआर) के जरिए अस्पताल के लिए 5 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि जुटाएंगे।

 

BJP MP Varun Gandhi

 

सांसदों को हर साल मिलते हैं 5 करोड़ रुपए
लोकसभा के नियमानुसार, एमपीलैड फंड्स के तहत सांसदों को अपने संसदीय क्षेत्र में विकास कार्य के लिए हर साल 5 करोड़ रुपए की धनराशि मिलती है। जो जनता के विकास कार्यों के लिए खर्च कर सकते हैं।

दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई
भाजपा सांसद ने कहा कि वह गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत से बेहद दुखी हैं और चाहते हैं कि देश में कहीं भी फिर कोई ऐसा हादसा न हो। इसके लिए निरोधात्मक कदम उठाए जाने चाहिए। साथ ही दो बच्चों की मौत के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

अस्पताल में होंगी ये सुविधाएं
सांसद निधि से खुलने वाले इस बाल चिकित्सा केंद्र में 100 बेड़ का कक्ष बनाया जाएगा। यहां बच्चों के लिए खासकर वेक्टर बॉर्न (वायु एवं जल जनित रोग) डिसीजेज का इलाज किया जाएगा। पीडियाट्रिक विंग सेंटर में बच्चों के विभिन्न रोगों की जांच के लिए लेबोरेट्रीज बनाई जाएगी। इसके अलावा नेशनल वैक्सीन प्रोग्राम के अंतर्गत बच्चों को सेंटर में विभिन्न बीमारियों के टीकाकरण की सुविधा मिलेगी। कम दामों में दवाइयां मिलेंगी। पीडियाट्रिक विंग में 100 बेड की आईसीयू यूनिट रहेगी, जो हर समय गंभीर रोगों से बच्चों की जान बचाने को तैयार रहेगी। इस विंग में ऑक्सीजन सप्लाई, सैनिटेशन के साथ ही पीने के पानी की व्यवस्था रहेगी। साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए साल के 365 दिन 24 घंटे 3 एंबुलेंस तैयार रहेंगी।

वरुण ने पेश की मिसाल
पिछले दिनों संसद में वरुण गांधी ने कहा था कि सांसदों के समाज के प्रति अपने कर्तव्य को समझना चाहिए और समाज के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। अभी जहां ज्यादातर सांसद अपनी सांसद निधि का आधा पैसा भी खर्च नहीं कर पाते, वरुण गांधी ने बच्चों के अस्पताल के लिए पैसे देकर बेहतर उदाहरण पेश किया है। इससे पहले भी वरुण गांधी अपने वेतन और क्राउड फंडिंग से जिले के 28 गरीब परिवारों के लिए आवास बनवा चुके हैं, जिनकी कीमत डेढ़ लाख बताई जा रही है।

बीआरडी कॉलेज में 60 बच्चों की मौत
गोरखपुर के बीआरडी कॉलेज में 60 से अधिक बच्चों की मौत हो गई, जिसमें ऑक्सीजन की सप्लाई ठप होने को अहम कारण माना जा रहा है। मुद्दे पर तमाम राजनीति हुई। पूरे विपक्ष ने भाजपा सरकार को दोषी माना तो सरकार के मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने अगस्त महीने को जिम्मेदार ठहराया। सबने बयानबाजी की, लेकिन समाधान वरुण गांधी ने सामने रखा। अगर हर सांसद और विधायक अपनी विधायक-सांसद निधि से अपने जिला अस्पतालों की हालत दुरुस्त करे तो यकीनन देश-प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारा जा सकता है।

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