Dengue के कारण, लक्षण व बचाव के घरेलू नुस्खे

लखनऊ। गर्मी के बाद बदलता मानसून बारिश की बूंदों के साथ आता है तो अपने साथ ठंडी हवाओं की मीठी चुभन लेकर आता है। लेकिन इस बदलते मौसम में पनपता है एडीज मच्छर जो अपने साथ फैलाता है खतरनाक डेंगू बुखार। ये बुखार इतना भयानक हो सकता है कि मरीज़ की जान तक चली जाती है। डेंगू बुखार हर साल बहुत से लोगों को अस्पताल पहुंचाता है। डेंगू बुखार होने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए और अगर हो जाये तो डॉक्टरी की सलाह लेनी चाहिए। डेंगू मच्छर मादा एडीज इजिप्टी काटने से फैलता है। जब मच्छर किसी को काटता है तो डेंगू फैलाने वाला वायरस मच्छर की लार के साथ शरीर में प्रवेश कर जाता है। डेंगू इंफेक्शन का पता ब्लड टेस्ट के द्वारा लगाया जाता है।

डेंगू-मच्छर

डेंगू कैसे फैलता है
– डेंगू के सबसे ज़्यादा मामले बारिश के मौसम में देखने को मिलते हैं।
– डेंगू फैलाने वाले मच्छर दिन में काटते हैं
– डेंगू मच्छर ठहरे हुए पानी में पैदा होते हैं।
– डेंगू मच्छर कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों को आसानी से अपना शिकार बनाते हैं।

डेंगू के लक्षण
– बुखार के दौरान प्लेटलेट्स कम होना इसका मुख्य लक्षण हैं।
– डेंगू के लक्षण 3 से 14 दिनों में दिख जाते हैं।
– तेज़ ठंड लगकर बुख़ार आता है।
– सिर और आंखों में दर्द शुरू हो जाता है।
– शरीर और जोड़ों में भी दर्द होता है।
– भूख लगनी बंद हो जाती है।
– जी मचलाना के साथ उल्टी और दस्त आने शुरू हो जाते हैं।
– त्वचा के नीचे लाल धब्बे पड़ जाते हैं।
– गंभीर स्थिति में आंख व नाक से खून आने लगता हैं।

डेंगू से बचने के घरेलू नुस्खे
डेंगू से बचने के लिए कोई विशेष दवाई नहीं है लेकिन इस दौरान आपको आराम करने और बहुत सारे पेय पदार्थ पीने की सलाह दी जाती है। हम आपको कुछ ऐसे ही घरेलू और प्राकृतिक उपाय बता रहे हैं ताकि आप स्वंय को डेंगू के प्रकोप से बचा सकें।

गिलोयः डॉक्टर बताते हैं कि गिलोय का आयुर्वेद में बहुत महत्व हैं। यह मेटाबॉलिक रेट बढ़ाने तथा प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाए रखता है। इससे शरीर को इंफेक्शन से बचाने में मदद मिलती है। इसके तनों को उबालकर हर्बल ड्रिंक की तरह इस्तेमाल किया जाता है। इसमें तुलसी के पत्ते भी डाल सकते हैं।

मेथी के पत्तेः इसकी पत्तियों को पानी में भिगोकर उसके पानी को पीया जा सकता है. इसके अलावा, मेथी पाउडर को भी पानी में मिलाकर पी सकते हैं। यह पीड़ित के बुखार व दर्द को दूर करती हैं।

पपीते के पत्तेः इसके पत्ते प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ाने में मदद करते है। इसके अलावा यह शरीर में दर्द, कमजोरी, उबकाई आना, थकान आदि बुखार के लक्षणों को कम करने में सहायक है। इसकी पत्तियों को पीस कर या फिर इन्हें ड्रिंक की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
गोल्डनसीलः यह उत्तरी अमेरिका में पाई जाने वाली एक औषधि है जिसका दवाई बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। इस हर्ब में भी डेंगू बुखार को बहुत तेजी से खत्म कर शरीर में से इसके वायरस को नष्ट करने की क्षमता होती है। यह पपीते की पत्तियों की तरह ही पीस कर या फिर ड्रिंक की तरह पीकर इस्तेमाल किया जा सकता है।
हल्दीः हल्दी मेटाबालिज्म बढ़ाने में सहायक होती है यह घाव को भी जल्दी ठीक करने में भी मददगार होती है। हल्दी को दूध में मिलाकर भी यूज किया जा सकता है।
तुलसी के पत्ते और काली मिर्चः तुलसी के पत्तों और दो ग्राम काली मिर्च को पानी में उबालकर पीना चाहिए। यह ड्रिंक आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाती है। यह एंटी-बैक्टीरियल तत्व के रूप में कार्य करती है।

डेंगू-मच्छर

डेंगू-मच्छर

डेंगू बुखार होने पर सफाई का ध्यान रखने की जरूरत होती है। इस प्रकार इन सभी बातो का ध्यान रख कर डेंगू के कहर से खुद को बचाया जा सकता है।

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