जानें कमर दर्द से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय

लखनऊ। आज के समय में हर कोई किसी न किसी बीमारी से ग्रसित है। हम लोगों में कई लोग कमर दर्द से पीड़ित हैं। कई घंटों तक लगातार बैठने या गलत दिनचर्या के कारण कमर दर्द शुरू हो जाता है। आज हम आपको बताते हैं कमर दर्द दूर करने के कुछ शानदार घरेलू उपाय…

प्रतीकात्मक फोटो

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अजवाइन को तवे के ऊपर थोड़ी धीमी आंच पर सेंक लें तथा ठंडा होने पर धीरे-धीरे चबाते हुए निगल जाएं। लगातार 7 दिनों तक यह प्रयोग किया जाए तो आठवे दिन से कमर दर्द में 100 फीसदी लाभ होता है।

– जहां दर्द होता होता हो, वहाँ 5 मिनट तक गरम सेंक और दो मिनट ठंडा सेंक देने से तत्काल लाभ पहुंचता है।

– सूर्योदय के समय 2-3 मील लंबी सैर पर जाने वालों को कमर दर्द की शिकायत कभी नहीं होती है।

– रोज सुबह सरसों या नारियल के तेल में लहसुन की तीन-चार कलियॉ डालकर (जब तक लहसुन की कलियां काली न हो जायें) गर्म कर लें। ठंडा होने पर इस तेल से कमर की मालिश करें।

– नमक मिले गरम पानी में एक तौलिया डालकर निचोड़ लें। इसके बाद पेट के बल लेट जाएं। दर्द के स्थान पर तौलिये से भाप लें। कमर दर्द से राहत पहुंचाने का यह एक अचूक उपाय है।

– कढ़ाई में दो-तीन चम्मच नमक डालकर इसे अच्छे से सेक लें। इस नमक को थोड़े मोटे सूती कपड़े में बांधकर पोटली बना लें। कमर पर इस पोटली से सेक करने से भी दर्द से आराम मिलता है।

– अधिक देर तक एक ही पोजीशन में बैठकर काम न करें। हर चालीस मिनट में अपनी कुर्सी से उठकर थोड़ी देर टहल लें।

– नर्म गद्देदार सीटों से परहेज करना चाहिए। कमर दर्द के रोगियों को थोड़ा सख्त बिस्तर बिछाकर सोना चाहिए।

– योग भी कमर दर्द में लाभ पहुंचाता है। भुजंगासन, शलभासन, हलासन, उत्तानपादासन, श्वसन आदि कुछ ऐसे योगासन हैं जो की कमर दर्द में काफी लाभ पहुंचाते हैं। कमर दर्द के योगासनों को योगगुरु की देख रेख में ही करने चाहिए।

– कैल्शियम की कम मात्रा से भी हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, इसलिए कैल्शियमयुक्त चीजों का सेवन करें।

– कमर दर्द के लिए व्यायाम भी करना चाहिए। सैर करना, तैरना या साइकिल चलाना सुरक्षित व्यायाम हैं। तैराकी जहां वजन तो कम करती है, वहीं यह कमर के लिए भी लाभकारी है। साइकिल चलाते समय कमर सीधी रखनी चाहिए। व्यायाम करने से मांसपेशियों को ताकत मिलेगी तथा वजन भी नहीं बढ़ेगा।

– कमर दर्द में भारी वजन उठाते समय या जमीन से किसी भी चीज को उठाते समय कमर के बल न झुकें, बल्कि पहले घुटने मोड़कर नीचे झुकें और जब हाथ नीचे वस्तु तक पहुंच जाए तो उसे उठाकर घुटने को सीधा करते हुए खड़े हो जाएं।

– कार चलाते वक्त सीट सख्त होनी चाहिए, बैठने का पोश्चर भी सही रखें और कार ड्राइव करते समय सीट बेल्ट टाइट कर लें।

– ऑफिस में काम करते समय कभी भी पीठ के सहारे न बैठें। अपनी पीठ को कुर्सी पर इस तरह टिकाएं कि यह हमेशा सीधी रहे। गर्दन को सीधा रखने के लिए कुर्सी में पीछे की ओर मोटा तौलिया मोड़ कर लगाया जा सकता है।
सावधानियां- नीचे लिखी बातों का भी ध्यान रखें
– नियमित रूप से पैदल चलें। यह सर्वोत्तम व्यायाम है।
– अधिक समय तक स्टूल या कुर्सी पर झुककर न बैठें।
– शारीरिक श्रम से जी न चुराएं। शारीरिक श्रम से मांसपेशियां पुष्ट होती हैं।
– एक सी मुद्रा में न तो अधिक देर तक बैठे रहें और न ही खड़े रहें।
– किसी भी सामान को उठाने या रखने में जल्दबाजी न करें।
– भारी सामान को उठाकर रखने की बजाय धकेल कर रखना चाहिए।
– ऊंची एड़ी के जूते-चप्पल के बजाय साधारण जूते-चप्पल पहनें।
– सीढिय़ां चढ़ते-उतरते समय सावधानी बरतें।
– कुर्सी पर बैठते समय पैर सीधे रखें न कि एक पर एक चढ़ाकर।
– अधिक ऊंचा या मोटा तकिया न लगाएं। साधारण तकिए का इस्तेमाल बेहतर होता है।

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