गर्भवती होना चाहती हैं तो अंधेरे में बनाएं संबंध

नई दिल्ली। अगर आप प्रेग्नेंट होना चाहती हैं तो उस वक्त यौन संबंध बनाएं जब कमरे में अंधेरा हो। हो सकता है कि ये सुझाव आपको थोड़े अटपटे लग रहे हों लेकिन वैज्ञानिकों ने हाल में हुए एक शोध के आधार पर कहा है कि बहुत अधिक रोशनी गर्भधारण पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। अगर बेडरूम में बहुत रौशनी है तो इससे महिला की प्रेग्नेंसी पर असर पड़ सकता है।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

वैज्ञानिकों का कहना है कि बेडरूम में पर्दे से छनकर आने वाली हर रोशनी, चाहे वो स्ट्रीट लाइट हो या बाहर से गुजरने वाली गाड़ियों की रोशनी, सभी महिला की प्रजनन क्षमता पर विपरीत प्रभाव डालती हैं। इसमें कंप्यूटर और टैबलेट की रोशनी भी शामिल है। औसत उम्र की महिलाओं पर इसका सबसे बुरा असर होता है।

मां-बाप न बन पाने वाला हर सातवें जोड़ें की इस परेशानी का मुख्य कारण अज्ञात है। इसके साथ ही इस तथ्य को इस बात से भी बल मिलता है कि कमरे में बहुत अधिक रोशनी होने से हमारा बॉडी क्लॉक बिगड़ जाता है।

ब्रिटेन के विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य स्वास्थ्य और प्रजनन क्षमता के बीच के संबंध को अनदेखा नहीं किया जा सकता है। इस बात की जांच के लिए अमेरिकी और जापानी शोधकर्ताओं ने चूहों पर कुछ परीक्षण किए। उन्होंने ये पता करने की कोशिश की कि किस तरह डिस्टर्ब बॉडी क्लॉक प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है। हालांकि इस प्रयोग का युवा चूहों पर तो कोई असर नहीं हुआ लेकिन औसत उम्र वालों के प्रेग्नेंसी रेट पर असर जरूर पड़ा। करीब 71 प्रतिशत, अधि‍क उम्र होने के बावजूद नॉर्मल बॉडी क्लॉक के साथ प्रेग्नेंट हुईं, जबकि डिस्टर्ब टाइम क्लॉक में ये केवल 10 फीसदी ही रहा.

हालांकि ये शोध चूहों पर ही था लेकिन महिलाओं की प्रजनन क्षमता भी रोशनी की वजह से प्रभावित होती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि महिलाओं को रात के समय रोशनी के संपर्क में आने से परहेज करना चाहिए।

ऐसी महिलाएं जो गर्भधारण संबंधी परेशानी से जूझ रही हैं, उनके लिए वैज्ञानिकों ने सुझाव दिया है कि वे अच्छी नींद लें। गर्भधारण का नींद से बहुत गहरा संबंध है। इसके साथ ही उनका कहना है कि ऐसी महिलाओं को समय से भोजन करना चाहिए और कमरे में रोशनी बिल्कुल हल्की कर देनी चाहिए। हल्की रोशनी में सोना बहुत महत्वपूर्ण है।

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